Eetaram Bharatham 25.08.2025 खम्मम :चूहा मार दवा खाने वाले एक युवक की जान हैदराबाद हाईटेक सिटी स्थित यशोदा हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने दुर्लभ चिकित्सा पद्धति द्वारा बचाई। खम्मम प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में यशोदा हॉस्पिटल्स हाईटेक सिटी के सीनियर कंसल्टेंट फिज़िशियन एवं डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. दिलीप कुमार सिंगराजु ने इस विषय में जानकारी दी।खम्मम ग्रामीण क्षेत्र के वेंकटायपालेम निवासी 16 वर्षीय युवक यलाबत्ति श्री लक्षित ने चूहा मारने की दवा (पीला फॉस्फोरस) का सेवन कर लिया था। प्रारंभ में उसने स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया, किंतु पेट दर्द, उल्टियां, यकृत की कार्यक्षमता में कमजोरी, कोगुलोपैथी और सेरेब्रल एडिमा जैसी गंभीर स्थितियों के कारण उसकी हालत और बिगड़ गई। ऐसी परिस्थिति में परिजनों ने उसे हाईटेक सिटी स्थित यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
यशोदा हॉस्पिटल्स में इंटरनल मेडिसिन, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, साइकियाट्री और वैस्कुलर सर्जरी विशेषज्ञों की टीम ने श्री लक्षित को आईसीयू में भर्ती कर क्रिटिकल सपोर्टिव थेरेपी, एंटीबायोटिक्स, हेपेटोप्रोटेक्टर्स तथा गहन निगरानी के साथ तीन सत्र हाई-वॉल्यूम प्लाज़्मा एक्सचेंज (प्लेक्सी) किया। डॉक्टरों ने बताया कि पीला फॉस्फोरस युक्त चूहा मार दवा अत्यंत खतरनाक होती है और समय पर इलाज न मिले तो शरीर के कई अंगों की विफलता का कारण बन सकती है।प्लाज़्मा एक्सचेंज और मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट जैसी उन्नत चिकित्सा के कारण ही इस युवक की जान बच पाई। उसकी सेहत में सुधार देखकर हम बेहद संतुष्ट हैं। संपूर्ण उपचार के बाद उसकी यकृत की कार्यक्षमता और रक्त जमने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार हुआ। 29 जुलाई 2025 को उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई और आगे मानसिक उपचार एवं परामर्श लेने की सलाह दी गई।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि ऐसे विषैले पदार्थों का आकस्मिक या जानबूझकर सेवन रोकने के लिए समाज में उचित जागरूकता और रोकथाम के उपाय आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स हाईटेक सिटी क्रिटिकल केयर और आपात चिकित्सा सेवाओं में अग्रणी है, जहां आधुनिक सुविधाओं और अत्यधिक प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा 24 घंटे जटिल चिकित्सकीय आपात स्थितियों का उपचार किया जाता है।















