24.07.2025 Eetaram Bharatham रीजनल नेटवर्क इंचार्ज मधुस्री नालुबोला, खम्मम
अब तक राज्यों के अनुसार आवंटित निधियां, शुरू की गई और पूर्ण की गई परियोजनाओं का विवरण क्या है?खम्मम लोकसभा सांसद रामसहायम रघुराम रेड्डी ने लोकसभा में पूछे सवाल।
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम – जन मन) योजना के अंतर्गत देशभर में कौन-कौन से विकास कार्य किए गए हैं? – इस सवाल को खम्मम सांसद रामसहायम रघुराम रेड्डी ने गुरुवार को लोकसभा में उठाया। उन्होंने विशेष रूप से दुर्बल जनजातीय समूहों (PVTGs) की प्रगति संबंधी जानकारी मांगी। इसके जवाब में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने लिखित उत्तर प्रस्तुत किया।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में पक्के मकान, चिकित्सा शिविर, आंगनवाड़ी केंद्र, मोबाइल टावर और कल्याणकारी छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, जलशक्ति, महिला व बाल विकास, और जनजातीय कार्य मंत्रालयों के सहयोग से 2023-2026 की अवधि में लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं – जैसे कि 4.90 लाख मकानों का निर्माण, 8,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, 19,375 गांवों में पाइपलाइन से सुरक्षित पेयजल आपूर्ति और 2,500 गांवों में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना।
देशभर में आदिवासी क्षेत्रों में इस योजना के लिए ₹24,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत प्राथमिकता के आधार पर राज्यों में विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई हैं और निधियां वितरित की जा रही हैं।तेलंगाना में 3,884 विकास कार्यों की शुरुआत की गई है, जिनमें 41 सीमावर्ती आदिवासी गांवों को विशेष लाभ मिलेगा। आंध्र प्रदेश को ₹47.49 करोड़ और तेलंगाना को ₹16.16 करोड़ निधि खर्च की गई है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी और जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास है – ऐसा केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया।















